अब मोदी से पहले मोदी के आने के बाद की तुलना होती है – अमरजीत मिश्र

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भारतीय जनता पार्टी मुंबई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्र ने कहा है कि अब तक देश की आर्थिक, सामाजिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास की जब भी चर्चा होती थी तब आज़ादी के पूर्व व आज़ादी के बाद के काल की चर्चा होती थी। पर अब जब भारत दुनिया की तीसरी महासत्ता के रूप में उभर रहा है तब देश के चहुँमुखी विकास के संदर्भ में पीएम मोदी से पहले के भारत और मोदी के पीएम बनने के बाद के भारत की स्थिति पर चर्चा होगी।

मुंबई भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आज अपने चार दिवसीय उत्तरप्रदेश दौरे पर लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मुंबई से ट्रेन से अयोध्या आनेवाले दर्शनार्थियों के लिये सुविधाएँ मुहैया कराने के लिए मुंबई भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ श्री मिश्र कल अयोध्या चले जाएँगे। आज उन्होंने पर्यटन भवन जाकर पर्यटन व संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव मुकेश मेश्राम से मुलाक़ात की। उन्होंने श्री मिश्र का उत्तरप्रदेश द्वारा बनाया गाया राम दरबार का मेडल देकर उनका स्वागत किया।

महाराष्ट्र में फ़िल्मसिटी के उपाध्यक्ष रह चुके अमरजीत मिश्र ने कहा कि पहले सरकार में बैठे लोगों के घोटालों, बवालों और हवालों पर घमासान होता था, लेकिन अब तो सरकार के राष्ट्रवाद, आस्थावाद, अर्थवाद और एकात्म मानववाद की दिशा में बढ रहे कदमों पर अनुसंधान हो रहा है।उन्होंने कहा कि मोदी से पहले आतंकवाद की घटना हो जाने के बाद मुँह तोड़ जवाब देने के ज़ुबानी तीर चलाये जाते थे, मोदी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मन देशों को इशारों- इशारों में यह समझा दिया जा रहा है कि भारत की ताक़त को लेकर कोई मुग़ालते में न रहे।

भाजपा नेता कहते हैं कि मोदी से पहले भारत के नेताओं से विदेशी नेतागण हाथ मिलाने से भी कतराते थे अब गले मिलने के लिए आतुर रहते हैं।हमारे राष्ट्रीय ध्वज को कल तक कोई अहमियत नहीं देता था लेकिन यह मोदी की गारंटी ही है कि आपदा के समय विदेशी भूमि पर भारत का तिरंगा आत्म रक्षा का प्रबल अस्त्र समझा जाने लगा है।

उन्होंने कहा कि मोदी से पहले हम आर्थिक सहयोग पाने के लिए दुनिया भर में कश्कोल (भीख का कटोरा) लिए फिरते थे। मोदी के बाद पूरी दुनिया ने देखा कि भारत दुनिया के देशों को मदद देने के लिये अग्रेसर की भूमिका में होता है। मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्र कहते हैं कि इस काल के भारतीय खुश क़िस्मत हैं कि वे एक नये भारत के स्वर्णिम समय के साक्षी बन रहे हैं।