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Harigovind Vishwakarma is basically a Mechanical Engineer by qualification. With an experience of over 30 years, having worked in various capacities as a journalist, writer, translator, blogger, author and biographer. He has written two books on the Indian Prime Minister Narendra Modi, ‘Narendra Modi : Ek Shakhsiyat’, detailing his achievements as the Gujarat chief minister and other, ‘Narendra Modi: The Global Leader’. ‘Dawood Ibrahim : The Most Wanted Don’ is another book written by him. His satires are regularly published in prominent publications.

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यूं तो दुनिया भर में सुबह-ए-बनारस, शाम-ए-अवध और शब-ए-मुंबई की चर्चा ख़ूब होती है। लेकिन शाम-ए-मुंबई भी कम खूबसूरत नहीं होती। ख़ासकर अरब सागर...
समय बलवान हरिगोविंद विश्वकर्मा नहीं शाश्वत यहां कुछ भी निश्चित है अंत हर चीज़ का किसी को भी नहीं समझना चाहिए ख़ुद को स्थायी यहां जब मानव नहीं हरा पाता जिस व्यक्ति को तब उसे...
प्रकृति के ख़ज़ाने में कई ऐसे पौधे हैं जो किसी वरदान से कम नहीं। ये पौधे ऐसे फल देते हैं जो फल तो हैं...
यह चमचायुग है। कलियुग तो कब का ख़त्म हो चुका। उसके ख़त्म होते ही चमचायुग शुरू हुआ। कलियुग के बाद सतयुग को आना था।...
UNESCO report highlights growing risk for environmental journalism The United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization (UNESCO), in its latest report on “Press and planet...
हरिगोविंद विश्वकर्मा भारत प्राचीनकाल से दुनिया में विश्वगुरु रहा है। या कहें कि सभ्यता के आरंभ से ही भारत की धाक रही है। यहां की...

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शाम-ए-मुंबई भी कम खूबसूरत नहीं

यूं तो दुनिया भर में सुबह-ए-बनारस, शाम-ए-अवध और शब-ए-मुंबई की चर्चा ख़ूब होती है। लेकिन शाम-ए-मुंबई भी कम खूबसूरत नहीं होती। ख़ासकर अरब सागर...

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फलों की रानी लीची

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गर्व से कहो हम चमचे हैं!

यह चमचायुग है। कलियुग तो कब का ख़त्म हो चुका। उसके ख़त्म होते ही चमचायुग शुरू हुआ। कलियुग के बाद सतयुग को आना था।...

UNESCO report highlights growing risk for environmental journalism

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