संगीत के साए में काव्य-संग्रह ‘क्या है जो मेरा है’ का लोकार्पण

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नवीन जोशी ‘नवा’

राजेश ऋतुपर्ण के पास सोच और सरोकार है। ज़िंदगी और समाज के प्रति एक स्वस्थ नज़रिया है। इसलिए जब वे अपने आसपास के कथ्य को अपनी संवेदना के साथ पेश करते हैं तो एक सुंदर कविता बन जाती है।

‘क्या है जो मेरा है’ राजेश का पहला काव्य संकलन है। चित्रनगरी संवाद मंच मुम्बई की ओर से इसका लोकार्पण 10 जुलाई 2022 को गोरेगांव पूर्व के मृणालताई गोरे सभागृह में हुआ। इसके लिए राजेश ऋतुपर्ण को हार्दिक बधाई। पेश है इस आयोजन पर मित्र Navin Joshi की रिपोर्ट।

चित्रनगरी संवाद मंच मुम्बई का कार्यक्रम ‘सृजन संवाद’ हम सबको हमेशा याद रहेगा। क्या ही ख़ूबसूरत कार्यक्रम हुआ! नज़र ना लगे। सबसे पहला उल्लेख हमारी मुख्य अतिथि Nilima Harjal जी का। कितना प्रसन्न और प्रेम भरा व्यक्तित्व है इनका और क्या sense of humor है! नीलिमा जी ने यह बता दिया कि वह सच में कितनी बड़ी हैं। उनका बड़प्पन उनकी सादगी और निश्छलता में है।

कवि अभिनेता Arun Shekhar ने राजेश ऋतुपर्ण के काव्यसंग्रह की भूमिका का पाठ किया। यह भूमिका वरिष्ठ कथाकार Suraj Prakash जी ने लिखी है। अरुण जी ने अपने प्रभावशाली अंदाज़ में राजेश की एक कविता भी पेश की। समारोह अध्यक्ष देवमणि पांडेय ने अपने ख़ास अंदाज़ में काव्य लेखन का मर्म समझाया। और फिर आए हमारे inspired performers …. Meghashikha Joshi, Poonam Vishwakarma, Deepika Gour …. इन गायिकाओं ने सिने गीत, और ग़ज़लों को ऐसे झूम कर गाया कि दर्शक भी झूम उठे। सब ने कमाल कर दिया। मशहूर सिंगर Soma Banerjee ने अपने दिलकश अंदाज़ में देवमणि पांडेय की ग़ज़ल सुना कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया-
इक फूल मुहब्बत का फिर दिल में खिले कोई
इस शहर की गलियों में अपना तो मिले कोई

Damyanti Sharma के मधुर गीत और उदयभानु सिंह के लोकगीत की जितनी तारीफ़ की जाए कम है। Sidharth Shandilya की शाइरी और राजेश ऋतुपर्ण की कविताओं की सम्वेदना को शब्दों में कैसे पकडूँ? Bhartendu Vimal की नम्रता पर लिखूँ या उनकी ग़ज़ल की परवाज़ पर? और अपने प्यारे दर्शक मित्रों का ऋण कैसे चुकाऊँ? जिन्होने बरसात के मौसम में भी ऐसी उपस्थिति दर्ज कर दी कि सभागृह भर गया।

Pramod Nigudkar जी का धन्यवाद कैसे अदा करूँ जिन्होंने मृणालताई गोरे सभागृह जैसी सुंदर जगह हमारे कार्यक्रम के लिए मुहैय्या करवाई? भावनाओं से बस अभिभूत हुआ जाता है, उन्हें लेखनी में पकड़ने की कोशिश व्यर्थ होती है।
कुछ तस्वीरें है पोस्ट कर रहा हूँ। बहुत जल्द धमाकेदार videos भी पोस्ट करूँगा।

#संगीत_के_साए_में_काव्य_संग्रह_का_लोकार्पण

(लेखक प्रसिद्ध कवि-शायर, युवा कवियों के प्रेरणास्रोत और “इनशाद फाउंडेशन” के प्रवर्तक हैं।)

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