भारतीय संस्कृति को जानने के लिए अमेरिकी सीख रहे हैं हिंदी

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संवाददाता
मुंबई, हिंदीभाषियों के लिए एक अच्छी ख़बर संयुक्त राज्य अमेरिका से आ रही है। वहां भारतीय संस्कृति, सभ्यता और विरासत को जानने और समझने के इच्छुक अमेरिकी नागरिक हिंदी सीख रहे हैं। अमेरिकी सरकार भी अपने नागरिकों को हिंदी सिखाने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करते हुए आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है।

मुंबई हिंदी पत्रकार संघ और अमेरिका में हिंदी सिखाने का कार्य कर रहे संस्था युवा हिंदी संस्थान फुलब्राइट की ओर से अमेरिका से भारत प्रवास पर आए हिंदी छात्र एवं छात्राओं और शिक्षकों से साथ सांताक्रुज के द सेंटर हाल में आयोजित चाय पर चर्चा के दौरान अमेरिका में हिंदी के भविष्य पर अच्छी चर्चा हुई। इस चर्चा के दौरान अमेरिका में हिंदी शिक्षा से जुड़ी न्यूयार्क यूनिवर्सिटी की गेबरिएला इलेवा की धाराप्रवाह हिंदी सुनकर सभी लोग दंग रह गए।

गेबरिएला इलेवा ने कहा कि भारतीय सभ्यता संस्कृति को समझने के लिए हिंदी जरूरी है। इसलिए अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग हिंदी सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग भारत को और अधिक जानने के लिए भारत का दौरा कर रह हैं। गेबरिएला इलेवा ने अमेरिका में हिंदी अध्ययन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि अमेरिका के 94 विश्विद्यालयों में हिंदी भाषा का अध्ययन किया जा रहा है।

अमेरिकी नागरिक ड्राविस गिरधारी के पूर्वज दक्षिणी अफ्रीका से अमेरिका गए थे। उनका परिवार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। गिरधारी ने कहा कि वह अपने पूर्वजों के देश को जानने और समझने के लिए हिंदी सीख रहे हैं। वह उस धरती के बारे में विस्तार से जानने के इच्छुक है जहां उनके पूर्वजों ने जन्म लिया। गिरधारी के पूर्वज पहले बिहार से कैरेबियन देश गयाना गए और वहाँ से अमेरिका चले गए।

इस मौके पर पूर्व सांसद और जाने माने पत्रकार संतोष भारतीय, अमेरिका से आए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे युवा हिंदी संस्थान फुलब्राइट के निदेशक अशोक ओझा, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने भी अपने-अपने संबोधनों में हिंदी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।  खासकर अशोक ओझा ने अमेरिका में हिंदी की गतिविधियों पर बहुत विस्तार से प्रकाश डाला।

इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश तिवारी, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, महामंत्री विजय सिंह कौशिक, भाजपा नेता जयप्रकाश सिंह, उदयप्रताप सिंह, अजय सिंह, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, कांग्रेस नेता जाकिर अहमद, पत्रकार सुनील मेहरोत्रा, आनंद मिश्र, संदीप शुक्ला, मनोज दुबे, दिनेश सिंह, सोनू श्रीवास्तव, बृजेश त्रिपाठी, आलोक तिवारी, शैलेश तिवारी और रवींद्र दुबे मौजीद थे।

इसके अलावा लोक गायक सुरेश शुक्ल, मिथलेश सिंह, विनोद सिंह, जेपी सिंह, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के पदाधिकारी राजकुमार सिंह, विनोद यादव, सुरेंद्र मिश्र और हरिगोविंद विश्वकर्मा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार सैयद सलमान ने किया।

वीडिया – न्यूयार्क यूनिवर्सिटी की गेबरिएला इलेवा की धाराप्रवाह हिंदी सुनकर सभी लोग दंग रह गए।