कांग्रेस ने लगाया सेवन हिल्स अस्पताल पर अनियमितता का आरोप

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संजय निरुपम, राजेश शर्मा व संदीप वाल्मीकि के नेतृत्व में निकाला मोर्चा

शीतला प्रसाद सरोज
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में चल रहे निजी बड़े प्राइवेट अस्पताल मरीजों को क्लाइंट समझते हैं और इलाज के नाम पर भारी-भरकम बिल बना देते हैं। राज्य सरकार के आदेशानुसार राज्य में चलने वाले इन बड़े अस्पतालों में 20 फीसदी बेड गरीब तबके के मरीजों के लिए आरक्षित होता है, लेकिन मुनाफा कमाने के चक्कर में मानवता भूल चुके इन बड़े अस्पताल का प्रशासन गरीब तबके के मरीजों को भी कोई राहत नहीं देता है।

जहां राज्य और केंद्र में सत्ता सुख भोग रही भारतीय जनता पार्टी और उसके तमाम नेता इस जनता के हित से जुड़े इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं, वहीं विपक्षी की भूमिका निभा रही कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर एकदम से मुखर है। कांग्रेस ने अस्पतालों को चेतावनी देते हुए कहा भी है कि किसी भी बड़े अस्पताल को किसी भी कीमत पर गरीबों का हक मारने नहीं दिया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने आम आदमी से जुड़े इस मामले को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है।

इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से अंधेरी (पूर्व) के मरोल मरोसी रोड स्थित पंच सितारा अस्पताल सेवन हिल्स अस्पताल के खिलाफ मंगलवार को विशाल मोर्चा निकाला गया और इस संबंध में अस्पताल प्रशासन को एक ज्ञापन भी दिया गया।  कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सेवन हिल्स अस्पताल न तो राज्य सरकार की ओर से निर्धारित रियायत गरीब तबके के मरीजों नहीं दे रहा है और न ही गरीब तबके के मरीजों को महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना का लाभ दिया जा रहा है।

इस मौके पर पूर्व सांसद संजय निरुपम ने सेवन हिल्स अस्पताल पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “सेवन हिल्स हॉस्पिटल में कुल 300 बेड हैं, जिसमें से 20 फीसदी बेड मनपा के लिए आरक्षित हैं। इस हिसाब से 60 बेड अस्पताल में गरीबों के लिए होना चाहिए। लेकिन दुःख की बात एक भी बेड मनपा कोटे का गरीबों को नहीं मिल पाता। केसरिया और पीले राशन-कार्ड धारक जब अस्पताल में अपना इलाज कराने के लिए आते हैं तो उन्हें 10 रुपये की पर्ची तो फाड़ दी जाती है, लेकिन उन्हें भी बिना रियायत के भारी-भरकम बिल थमा दिया जाता है।”

मोर्चे के संयोजक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य संदीप वाल्मीकि ने बताया कि इन दिनों सेवन हिल्स अस्पताल में पूरी तरह से अनियमितता का बोलबाला है। पहले इस हॉस्पिटल में ‘महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना’ के तहत गरीबों का मुफ्त में इलाज किया जाता था। लेकिन पिछले पांच साल से सेवन हिल्स अस्पताल में यह प्रावधान बंद कर दिया गया है, जिससे गरीब तबके के लोग काफी परेशान हैं। इसी मनमानी के खिलाफ आज हम लोगों ने सेवन हिल्स हास्पिटल पर मोर्चा निकाला है।

महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के महासचिव और पूर्व उपमहापौर राजेश शर्मा ने कहा कि सेवन हिल्स हॉस्पिटल में जो अनियमितता प्रकाश में आई है, वह बहुत ही गंभीर किस्म का है। इस पर राज्य सरकार को फौरन ध्यान देना चाहिए। इस हॉस्पिटल में करार के अनुसार मनपा कोटे का 20 फीसदी बेड गरीब जरूरतमंदों को जरूर मिलना चाहिए, ताकि वे अपना इलाज करा सकें। आज का मोर्चा तो हॉस्पिटल प्रशासन के लिएएक चेतावनी है। अगर हॉस्पिटल में व्याप्त अनियमितता दूर नहीं की गई तो जनांदोलन होगा।

कांग्रेस के मोर्चे के प्रतिनिधिमंडल ने हॉस्पिटल प्रशासन को एक ज्ञापन दिया, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि सेवन हिल्स हॉस्पिटल में मनपा करार के तहत 20 फीसदी आरक्षित बेड पर गरीबों का इलाज शुरू किया जाए। इसके साथ ही साथ शाम 5 बजे के बाद आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था भी शुरू की जाए और ‘महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना’ के तहत गरीबों का इस हॉस्पिटल में फिर से मुफ्त में इलाज किया जाए।

अस्पताल प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि हॉस्पिटल मेन गेट पर मनपा का लोगो लगा बोर्ड लगाया जाए। बोर्ड पर यह लिखा हो कि यहां पर 20 फीसदी मनपा का बेड उपलब्ध है और गरीबों का मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। इस मोर्चे में प्रमुख रूप से कांग्रेस उत्तर-पश्चिम जिलाध्यक्ष क्लाईव डायस, अशोक देसाई, लक्ष्मण पुजारी, प्रमोद सावंत, प्रमोद शिंदे, दीपक शिंदे, पांडुरंग चौहान, जय प्रकाश यादव, फैयाज शेख, विपिन शिंदे, राजू माने और विजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

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