मुंबई में इस बार मूर्ति विसर्जन की इजाजत नहीं मिलेगी, बीएमसी खुद करेगी मूर्ति विसर्जन

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  • गणेशभक्त ख़ुद समुद्र तट पर नहीं जा सकेंगे
  • बीएमसी बनाएगी मोबाइल मूर्ति विसर्जन केंद्र
  • पूजा के बाद विजर्सन के लिए मूर्ति जमा होगी
  • छोटी मूर्ति स्थापना का बीएमसी का आग्रह

मुंबई: वैश्विक महामारी कोरोना वाइरस के संक्रमण का व्यापक असर इस बार गणेशोत्वस पर पड़ रहा है। इस बार गणेशोत्वस के दौरान आप गणेशजी की मूर्ति अपने घर में ला सकते हैं, लेकिन आपको इस बार अपने आराध्य की मूर्ति का विसर्जन करने की इजाज़त नहीं मिलेगी। आप चाहे डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या 10 दिन का गणेशोत्सव मनाएं, लेकिन पूजा के बाद आपको गणेश जी की मूर्ति को बीएमसी के गणेश मूर्ति संग्रह केंद्र में जमा करानी होगी, जहां मूर्ति का विसर्जन बृहन्मुंबई महानगर पालिका ख़ुद करवाएगी।

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बीएमससी की ओर से इस बार गणेशोत्सव के संबंध में बहुत सख़्त गाइडलाइन्स जारी की गई है। कहा गया है कि इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए पूरी सावधानी बरतना ज़रूरी है। ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। मुंबई के लोगों से बीएमसी ने अपील की है कि कोरोना के ख़तरें के मद्देनज़र नियमों का पालन करें ताकि गणेशोत्सव के दौरान कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में सफलता मिले।

अपनी गाइडलाइन्स में बीएमसी ने लोगों से 2 से 3 फीट ऊंची मिट्टी की मूर्ति स्थापित करने की अपील की है। बीएमसी ने मूर्ति कहा है कि न तो बड़ी मूर्ति की स्थापना करें और ही प्लास्टर ऑफ़ पेरिस की मूर्ति ख़रीदें। बीएमसी ने कहा है कि सावधानी बरतते हुए भक्त और गणेश मंडल उत्साह से गणेशोत्सव का जश्न मना सकते हैं। लेकिन स्वयं गणेश की मूर्तियों का विसर्जन नहीं कर पाएंगे। गणेश मूर्ति के विसर्जन का दायित्व इस बार बीएमसी का होगा। बीएमसी ने यह भी कहा है कि छोटी मूर्तियों का विसर्जन अगर संभव हो तो घर में ही बाल्टी में भी किया जा सकता है।

मुंबई में इस साल कोरोना संक्रमण के माहौल के बावजूद अगले 22 अगस्त को विघ्नहर्ता श्रीगणेश लोगों के घरों और गणेश पंडालों में पहुंचेंगे। बीएमसी ने अपील की है कि 22 अगस्त से 3 से 4 दिन पहले ही गणेश मूर्ति लेकर आ जाएं ताकि 22 अगस्त को सड़कों पर अधिक भीड़ न जुटने पाए। इसके लिए बीएमसी ने पूरी तैयारी कर ली है। उधर लालबाग का महाराजा समेत प्रमुख गणेशोत्सव मंडलों ने इस बार गणोशोत्व का आयोजन न करने का फ़ैसला किया है।

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गणेश भक्तों और गणेश मंडल को अपनी गणेश प्रतिमाओं को समुद्र, खाड़ी और प्राकृतिक झीलों विसर्जन के लिए बीएमसी को सौंपना होगा। साथ ही प्राकृतिक विसर्जन स्थल से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर रहने वाले गणेश भक्तों और गणेश मंडलों के लिए वार्ड स्तर पर 167 स्थानों पर गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए कृत्रिम झीलों का निर्माण किया जा रहा है। यहां भी गणेशभक्त अपनी गणेश की मूर्तियों का विसर्जन नहीं कर पाएंगे। उन्हें अपनी मूर्ति को बीएमसी के मूर्ति संकलन केंद्र में जमा करना होगा।

कोरोना संक्रमण के प्रकोप को रोकने के लिए बीएमसी ने इस साल पहली बार गणेश मूर्ति विसर्जन स्थल पर गणेश मूर्ति संग्रह केंद्र शुरू करने का फैसला किया है। मुंबई में फिलहाल समुद्र तट और तालाब के रूप में 70 प्राकृतिक विसर्जन स्थल हैं। इस विसर्जन स्थलों में वे लोग अपनी मूर्ति का विसर्जन कर सकेंगे जो 2 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं। उन्हें भी सीधे विसर्जन की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, वे हर साल की तरह सीधे गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं कर पाएंगे।

महानगरपालिका ने इस बार मोबाइल मूर्ति संग्रह केंद्र शुरू करने का फैसला किया है। यह केंद्र घूम-घूम कर विसर्जन के लिए मूर्ति का संग्रह करेगा। गणेश भक्तों को अपनी गणेश मूर्तियों को मोबाइल मूर्ति संग्रह केंद्र में जमा कराना होगा। उसके बाद बीएमसी स्वयं मूर्तियों का विधिवत विसर्जन करेगी। बीएमसी की ओर से हर वार्ड कार्यालय में सहायक आयुक्त द्वारा कम से कम 7-8 मूर्ति संग्रह केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

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